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पुरानी दिल्ली विकास योजना पर अहम बैठक
राजधानी नई दिल्ली में ऐतिहासिक क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार ने अहम निर्णयों पर विचार शुरू किया है। इसी क्रम में शाहजहानाबाद क्षेत्र के पुनर्विकास से जुड़े निगम के ढांचे और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। इस बैठक में पुरानी दिल्ली के बाजारों, सड़कों और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सरकार का मानना है कि इस क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने के लिए प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है। इसी कारण संबंधित निगम के नाम और कार्यप्रणाली में बदलाव पर विचार किया जा रहा है, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज और पारदर्शी तरीके से हो सके।
SRDC के नाम परिवर्तन की तैयारी
सरकार ने संकेत दिया है कि शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का नाम बदला जा सकता है। इस निर्णय के पीछे तर्क यह बताया गया है कि संस्था को नए दृष्टिकोण और नई कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार नाम परिवर्तन के साथ-साथ संस्था के कामकाज में भी सुधार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्रों में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके और नागरिकों को सुविधाओं का लाभ मिल सके।
चांदनी चौक परियोजना की समीक्षा
बैठक के दौरान ऐतिहासिक चांदनी चौक क्षेत्र में चल रही पुनर्विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई। यह परियोजना दिगंबर जैन मंदिर से लेकर फतेहपुरी मस्जिद तक फैले इलाके को शामिल करती है।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना के माध्यम से बाजार क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जबकि उसकी ऐतिहासिक पहचान को भी सुरक्षित रखा जा रहा है। सड़क, बिजली, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
अनियमितताओं की जांच पर भी चर्चा
बैठक में पिछली व्यवस्थाओं के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई निगरानी व्यवस्था बनाई जा सकती है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी या देरी न हो। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही भी तय करने की योजना बनाई जा रही है।
160 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू
पुरानी दिल्ली के विकास को गति देने के लिए सरकार ने करीब 160 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की शुरुआत की घोषणा की है। इन परियोजनाओं के तहत सड़क सुधार, जल निकासी व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से स्थानीय व्यापारियों, पर्यटकों और निवासियों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही ऐतिहासिक बाजारों की सुंदरता और सुविधा दोनों में सुधार होगा।
ऐतिहासिक क्षेत्र को आधुनिक सुविधाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी दिल्ली जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों में विकास करते समय संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। एक ओर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करानी होती हैं, वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
सरकार की नई योजना इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पहल पुरानी दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और इस ऐतिहासिक क्षेत्र को नई पहचान देगी।
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