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अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार इस मॉड्यूल की गतिविधियां भारत के अलावा विदेशों तक फैली हुई थीं और इसके जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करने की योजना बनाई गई थी।
80 करोड़ रुपये ट्रांसफर की साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लगभग 80 करोड़ रुपये की अवैध ट्रांसफर की साजिश रच रहे थे। पुलिस को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई और एक विशेष अभियान चलाकर गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बैंकिंग प्रणाली को भारी नुकसान हो सकता था।
विदेशों तक फैला साइबर नेटवर्क
पुलिस जांच के अनुसार इस गिरोह के तार विदेशों से भी जुड़े हुए थे। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि नेटवर्क के कुछ संपर्क नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका में सक्रिय साइबर अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं। इससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क था, जो अलग-अलग देशों में बैठकर डिजिटल माध्यम से ठगी की योजना बना रहा था।
‘Solar Spider’ ग्रुप से जुड़े आरोपी
जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट ग्रुप से जुड़े थे, जिसे Solar Spider के नाम से जाना जाता है। यह ग्रुप बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाकर डिजिटल ठगी के प्रयास करता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग किन-किन देशों में सक्रिय हैं।
वीकेंड पर करते थे साइबर हमला
पुलिस के अनुसार इस गिरोह की रणनीति काफी सोची-समझी थी। आरोपी जानबूझकर अपने साइबर हमले और बड़े ट्रांजेक्शन सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार को करते थे। उस समय कई बैंकिंग संस्थानों में निगरानी कम होती है, जिससे उन्हें फायदा उठाने का मौका मिल सकता था। इसी रणनीति के तहत वे बड़ी रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने की योजना बना रहे थे।
बैंकों को जारी की गई एडवाइजरी
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि बैंकिंग सिस्टम की निगरानी और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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