Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
ऊर्जा संकट पर उद्योग जगत की चिंता
राजधानी नई दिल्ली में आयोजित India Today Conclave 2026 के दौरान ऊर्जा संकट और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए और वैश्विक हालात के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर अपनी राय रखी।
संसाधनों के बावजूद चुनौतियां
इस दौरान अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें प्रभावी तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि सही नीति, निवेश और तकनीक के जरिए देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर सकता है।
वैश्विक हालात का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
उद्यमियों को समर्थन की जरूरत
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का मानना है कि देश के उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार का मजबूत समर्थन जरूरी है। उनका कहना है कि यदि उद्योगों को अधिक अवसर और प्रोत्साहन दिया जाए तो देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा उत्पादन दोनों को मजबूती मिल सकती है।
माइनिंग सेक्टर खोलने की मांग
ऊर्जा और खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए माइनिंग सेक्टर में सुधार और अधिक खुलापन लाने की जरूरत बताई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र में निवेश और तकनीक को बढ़ावा दिया जाए तो देश के संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो सकेगा।
आत्मनिर्भर ऊर्जा नीति की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारत को दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति तैयार करनी होगी। इसमें घरेलू उत्पादन बढ़ाने, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
Latest News
Open