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सप्ताह की शुरुआत बाजार के लिए बेहद खराब
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। सोमवार को बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में बाजार का रुख पूरी तरह नकारात्मक हो गया। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया और कई लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। शुरुआती ट्रेडिंग में ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते लगभग हर सेक्टर के शेयर नीचे जाते दिखाई दिए।
पांच मिनट में बाजार पूंजी में भारी गिरावट
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट का असर बाजार पूंजीकरण पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती पांच मिनट के भीतर ही निवेशकों की संपत्ति में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। यह गिरावट इतनी तेज थी कि कई निवेशक संभल भी नहीं पाए और बाजार में घबराहट का माहौल बन गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ी बिकवाली और वैश्विक बाजारों के दबाव के कारण यह गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाजार में इस तरह की अस्थिरता पहले भी देखी गई है, लेकिन इतनी तेजी से बड़ी राशि का साफ हो जाना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक फिसले
कारोबार शुरू होने के साथ ही सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से नीचे खुला और कुछ ही समय में और ज्यादा फिसल गया। इसी तरह निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के कारण पूरे बाजार पर दबाव बन गया। निवेशकों ने तेजी से अपने शेयर बेचने शुरू कर दिए, जिससे गिरावट और तेज हो गई। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब प्रमुख सूचकांक एक साथ गिरते हैं तो इसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है और निवेशकों का भरोसा भी कमजोर होता है।
कई बड़ी कंपनियों के शेयर टूटे
बाजार में आई गिरावट के दौरान कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। एयरलाइन, बैंकिंग और मेटल सेक्टर से जुड़े कई शेयरों में गिरावट देखने को मिली। कुछ कंपनियों के शेयरों में पांच से आठ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बड़े शेयरों में आई गिरावट का असर बाजार के समग्र प्रदर्शन पर भी पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब लार्जकैप शेयरों में गिरावट आती है तो उसका असर पूरे बाजार के माहौल पर दिखाई देता है।
निवेशकों में बढ़ी चिंता और सतर्कता
अचानक आई इस गिरावट के बाद निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है। कई निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा शुरू कर दी है और भविष्य की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में निवेशकों को घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेश को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिया जाए।
आने वाले दिनों में नजर रहेगी बाजार रुख
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले दिनों के बाजार रुख पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की धारणा और बड़े संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों का असर बाजार पर पड़ सकता है। यदि आने वाले दिनों में खरीदारी बढ़ती है तो बाजार में सुधार भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार की मौजूदा स्थिति ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और सभी लोग आगे की चाल पर नजर बनाए हुए हैं।
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