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मोबाइल डेटा टैक्स पर चर्चा तेज
देश में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में खर्च बढ़ सकता है। सूत्रों के अनुसार सरकार मोबाइल डेटा के उपयोग पर अतिरिक्त टैक्स लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत हर जीबी इंटरनेट इस्तेमाल पर एक निश्चित शुल्क लगाया जा सकता है।
विभाग को स्टडी करने के निर्देश
बताया जा रहा है कि इस विषय पर अध्ययन करने के लिए दूरसंचार विभाग को कहा गया है। विभाग से यह जांच करने को कहा गया है कि डेटा उपयोग पर टैक्स लगाने से क्या आर्थिक लाभ हो सकता है और इसका उपभोक्ताओं तथा टेलीकॉम उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
हर GB पर अतिरिक्त शुल्क की संभावना
रिपोर्ट्स के अनुसार यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो इंटरनेट उपयोग करने वाले लोगों को हर जीबी डेटा पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह शुल्क लगभग एक रुपये प्रति जीबी तक हो सकता है, हालांकि यह सिर्फ प्रारंभिक चर्चा का हिस्सा बताया जा रहा है।
सरकार की संभावित आय का अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डेटा टैक्स लागू किया जाता है तो इससे सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। अनुमान है कि लगभग 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी संभव हो सकती है, क्योंकि देश में मोबाइल इंटरनेट का उपयोग लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ी
पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे इंटरनेट उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने का एक तरीका मान रहे हैं।
अभी नहीं आया आधिकारिक बयान
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह एक विचार या प्रारंभिक चर्चा का विषय है और अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन कर सकती है।
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