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वैश्विक तनाव का बाजार पर प्रभाव
मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। इसका प्रभाव भारत के प्रमुख महानगरों के बाजारों तक महसूस किया जा रहा है। मुंबई का रियल एस्टेट सेक्टर, जो देश के सबसे बड़े और सक्रिय बाजारों में से एक माना जाता है, हाल के दिनों में कुछ हद तक धीमा पड़ा है। विशेष रूप से लग्जरी आवासीय परियोजनाओं में खरीदारों की सक्रियता कम होती दिख रही है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और बड़े निवेश संबंधी फैसले टाल रहे हैं।
लग्जरी प्रॉपर्टी में आई सुस्ती
मुंबई में करोड़ों रुपये की कीमत वाले प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग सामान्य परिस्थितियों में काफी मजबूत रहती है। लेकिन हालिया वैश्विक घटनाओं के कारण इस सेगमेंट में अस्थायी सुस्ती देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि कई संभावित खरीदार फिलहाल नए घरों की बुकिंग करने के बजाय बाजार की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से कुछ परियोजनाओं में बुकिंग की रफ्तार धीमी पड़ गई है। डेवलपर्स का कहना है कि रुचि पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन खरीदारों की निर्णय लेने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सावधानीपूर्ण हो गई है।
निवेशकों की सतर्क रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च मूल्य वाली संपत्तियों में निवेश करने वाले लोग आमतौर पर आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं। मौजूदा समय में कई निवेशक ‘देखो और इंतजार करो’ की रणनीति अपना रहे हैं। वे बाजार की दिशा और आर्थिक संकेतकों को समझने के बाद ही आगे बढ़ना चाहते हैं। इसी कारण कई संभावित सौदे फिलहाल रुके हुए हैं या उन्हें अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। निवेशकों का मानना है कि स्थिरता आने के बाद ही बाजार में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।
शेयर बाजार से भी जुड़ा असर
रियल एस्टेट क्षेत्र का संबंध अक्सर शेयर बाजार और निवेश माहौल से भी जुड़ा रहता है। जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है तो इसका असर वित्तीय बाजारों पर भी पड़ता है। इसी कारण कुछ बड़े निवेशक फिलहाल नकदी को सुरक्षित रखने या अन्य विकल्पों का आकलन करने में लगे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का निवेश शेयर बाजार से जुड़ा है, वे भी मौजूदा परिस्थितियों में सावधानी बरत रहे हैं। इसका असर सीधे तौर पर लग्जरी संपत्तियों की मांग पर दिखाई दे रहा है।
डेवलपर्स को उम्मीद बरकरार
हालांकि बाजार में अस्थायी सुस्ती देखी जा रही है, लेकिन रियल एस्टेट डेवलपर्स को उम्मीद है कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। उनका मानना है कि जैसे ही वैश्विक परिस्थितियां सामान्य होंगी, बाजार में फिर से तेजी आ सकती है। मुंबई जैसे महानगर में आवासीय संपत्तियों की मांग लंबे समय से मजबूत रही है और भविष्य में भी इसके स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है। डेवलपर्स का कहना है कि परियोजनाओं पर काम सामान्य रूप से जारी है और खरीदारों की रुचि बनी हुई है।
भविष्य को लेकर मिश्रित संकेत
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह अस्थायी हो सकती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो निवेशकों का भरोसा भी धीरे-धीरे लौट सकता है। दूसरी ओर यदि अनिश्चितता लंबे समय तक बनी रहती है तो बाजार की गति कुछ समय तक प्रभावित रह सकती है। फिलहाल मुंबई के रियल एस्टेट सेक्टर में सभी की नजर आने वाले दिनों के आर्थिक और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है।
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