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कमरे में ही बना डाली नकली नोटों की व्यवस्था
गुजरात के राजकोट शहर में नकली नोट छापने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में एक युवक ने अपने कमरे को ही नकली नोट छापने की जगह बना लिया। उसने एक रंगीन प्रिंटर और स्कैनर की मदद से नकली मुद्रा तैयार करनी शुरू कर दी। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस को इस गतिविधि की सूचना मिली और टीम ने इलाके में छापा मारकर आरोपी को पकड़ लिया।
इंटरनेट वीडियो देखकर सीखा तरीका
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने इंटरनेट पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने की तकनीक सीखी थी। उसने सबसे पहले असली नोट को स्कैन किया और फिर कंप्यूटर की मदद से उसकी कॉपी तैयार कर प्रिंट निकालने लगा। शुरुआत में उसने छोटे मूल्य के नोटों को चुनना बेहतर समझा ताकि लोगों को शक कम हो। इसी योजना के तहत उसने 100 और 200 रुपये के नकली नोट तैयार किए।
पहले दो नोट बाजार में चलाए
पुलिस के अनुसार आरोपी ने शुरुआत में दो नकली नोट छापकर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश की। जब ये नोट बिना किसी परेशानी के चल गए तो उसका आत्मविश्वास बढ़ गया। इसके बाद उसने और नोट छापना शुरू कर दिया। हालांकि उसकी यह गतिविधि ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकी और पुलिस को इसकी भनक लग गई।
छापे में मिले नकली नोट और सामान
पुलिस टीम ने जब संदिग्ध कमरे पर छापा मारा तो वहां से नकली नोट और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान बरामद हुआ। जांच में 100 और 200 रुपये के कई नकली नोट मिले। इसके अलावा ए-4 साइज के कागजों पर छपे नोटों के प्रिंट भी मिले, जिनमें कुछ केवल एक तरफ से ही छपे हुए थे। पुलिस ने मौके से प्रिंटर, स्कैनर और कंप्यूटर उपकरण भी जब्त कर लिए।
आर्थिक तंगी बनी गलत रास्ते की वजह
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से कर्ज के दबाव में था और जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने यह रास्ता अपनाया। उसे लगा कि छोटे मूल्य के नोटों की नकली कॉपी बनाकर बाजार में चलाना आसान होगा। लेकिन यह योजना ज्यादा समय तक सफल नहीं हो सकी और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला उजागर हो गया।
पुलिस जांच में जुटी, नेटवर्क की पड़ताल
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि नकली मुद्रा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है क्योंकि इससे आर्थिक व्यवस्था और लोगों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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